दूरियों की ना परवाह कीजिये दिल जब भी पुकारे बुला लीजिये

myshayaris

Romantic shayaris आज फिर पल खूबसूरत है, दिल में बस तेरी ही सूरत है, कुछ भी कहे दुनिया हमें कोई गम नहीं, दुनिया से ज्यादा मुझे तेरी जरूरत है।   मुस्कान तेरे होठों से कही जाए न, आंसू तेरी पलकों पे कही आए न, पूरा हो तेरा हर खवाब, और जो पूरा न हो वो खवाब कभी आए न !! ढलती शाम का खुला एहसास है , मेरे दिल में तेरी जगह कुछ खास है , तू नहीं है यहाँ मालूम है मुझे … पर दिल ये कहता है तू यहीं मेरे पास है जाने कभी गुलाब लगती हे जाने…

Continue reading

पलकों को जब जब आपने झुकाया है

myshayaris

पलकों को जब-जब आपने झुकाया है, बस एक ही ख्याल दिल में आया है, कि जिस खुदा ने तुम्हें बनाया है, तुम्हें धरती पर भेजकर वो कैसे जी पाया है।     तुम हक़ीकत नहीं हो हसरत हो, जो मिले ख़्वाब में वही दौलत हो, किस लिए देखती हो आईना, तुम तो खुदा से भी ज्यादा खूबसूरत हो।       फूल खिलते हैं बहारों का समा होता है, ऐसे मौसम में ही तो प्यार जवां होता है, दिल की बातों को होठों से नहीं कहते, ये फ़साना तो निगाहों से बयाँ होता है।       हसरत है सिर्फ…

Continue reading

मना लूँगा आपको रुठकर तो देखो

myshayaris

  मना लूँगा आपको रुठकर तो देखो, जोड़ लूँगा आपको टूटकर तो देखो। नादाँ हूँ पर इतना भी नहीं, थाम लूँगा आपको छूट कर तो देखो।     एक जुर्म हुआ है हम से एक यार बना बैठे हैं कुछ अपना उसको समझ कर सब राज़ बता बैठे हैं फिर उसकी प्यार की राह में दिल ओर जान गवा बैठे हैं वो याद बहुत आते हैं जो हुमको भुला बैठे हैं     याद रखने के लिए आपकी कोई चीज चाहिए, आप नहीं तो आपकी तस्वीर चाहिए, आपकी तस्वीर हमारा दिल बहला न सकेगी, क्योकि वो आपकी तरह मुस्कुरा न…

Continue reading

दिल की धड़कन और मेरी सदा है तू Romantic Shayaris

myshayaris

दिल की धड़कन और मेरी सदा है तू,मेरी पहली और आखिरी वफ़ा है तू,चाहा है तुझे चाहत से भी बढ़ कर,मेरी चाहत और चाहत की इंतिहा है तू।   धोखा ना देना कि तुझपे ऐतबार बहुत है,ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है,तेरी सूरत ना दिखे तो दिखाई कुछ नहीं देता,हम क्या करें कि तुझसे हमें प्यार बहुत है। मुझको फिर वही सुहाना नजारा मिल गया,इन आँखों को दीदार तुम्हारा मिल गया,अब किसी और की तमन्ना क्यूँ मैं करूँ,जब मुझे तुम्हारी बाहों का सहारा मिल गया। छू गया जब कभी ख्याल तेरा,दिल मेरा देर तक धड़कता रहा,कल तेरा ज़िक्र…

Continue reading

Shairy nay kaha Mohabbat eik esse ghazal hai Jo har eik

Shairy nay kaha…….. Mohabbat eik esse ghazal hai ,, Jo har eik sunay walay kay dil may uttar te chali jate hai … Saaz nay kaha …….. Mohabbat eik essa geet hai .. Jo Dil may uttar jata hai .. Malee nay kaha…….. Mohabbat gulshan kay phool key woh dilkash khusboo hai… Jiss may sara gulshan mehak uttah hai… Ankhon nay kaha …….. Mohabbat ansoo ka samandar hai.. jo kisse kay intezar may khamoshi say behta hai… Dil nay kaha …….. Mohabbat kisse ko Khamoshi say chahay janay ka naam hai… kay aakhire waqt bhee Izhar na kiya jay… Naseeb…

Continue reading

हुस्न परियो का और रूप चाँद का चुराया होगा खूबसूरत फूलो से

myshayaris

हुस्न परियो का और रूप चाँद का चुराया होगा खूबसूरत फूलो से अपने होठो को सजाया होगा यह जुल्फ जो बिखरे तो घटाओ को आ जाये पसीना बड़ी फुर्सत से उस खुदा ने तुम को बनाया होगा       आप को इस दिल में उतार लेने को जी चाहता है, खूबसूरत से फूलो में डूब जाने को जी चाहता है, आपका साथ पाकर हम भूल गए सब मैखाने, क्योकि उन मैखानो में भी आपका ही चेहरा नज़र आता है….     तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे; तुम मिल गए तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे; तुम ना मिले…

Continue reading

समझा दो अपनी यादो को वो बिन बुलाये पास आया करती है

myshayaris

समझा दो अपनी यादो को, वो बिन बुलाये पास आया करती है, आप तो दूर रहकर सताते हो मगर, वो पास आकर रुलाया करती है !!       नज़र ने नज़र से मुलाक़ात कर ली, रहे दोनों खामोश पर बात करली, मोहब्बत की फिजा को जब खुश पाया, इन आंखों ने रो रो के बरसात कर ली !!         उलफत का अकसर यही दस्तूर होता है, जिसे चाहो वही दूर होता है. दिल टुट कर बिखरते हैं इस कदर, जैसे कोई काँच का खिलोना चूर चूर होता है       कागज़ पे हमने ज़िन्दगी लिख…

Continue reading

सदीयो से जागी आँखो को एक बार सुलाने आ जाओ माना की तुमको

myshayaris

सदीयो से जागी आँखो को, एक बार सुलाने आ जाओ, माना की तुमको प्यार नहीं, नफरत ही जताने आ जाऔ जिस मोङ पे हमको छोङ गये, हम बैठे अब तक सोच रहे क्या भुल हुई क्यो जुदा हुए, बस यह समझाने आ जाओ!   ना जाने क्या सोच कर लहरें साहिल से टकराती हैं; और फिर समंदर में लौट जाती हैं; समझ नहीं आता कि किनारों से बेवफाई करती हैं; या फिर लौट कर समंदर से वफ़ा निभाती हैं।     वो पानी की लहरों पे क्या लिख रहा था; खुदा जाने हरफ-ऐ-दुआ लिख रहा था; महोब्बत में मिली थी…

Continue reading