रात की चांदनी से मांगता हु सवेरा

myshayaris

रात की चांदनी से मांगता हु सवेरा फूलों की चमक से मांगता हु रंग गहरा दौलत शोहरत से ताल्लुख़ नहीं है मेरा मुझे चाहिए हर सुबह में बस साथ तेरा     जो मुस्कुरा रहा है, उसे दर्द ने पाला होगा.. जो चल रहा है, उसके पाँव में छाला होगा.. बिना संघर्ष के इन्सान चमक नही सकता, यारों.. जो जलेगा उसी दिये में तो, उजाला होगा.     आपकी नयी…

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