Dil se roye magar honto se muskura beithe

By | January 12, 2019

Dil se roye magar honto se muskura beithe,yunhi hum kisi se wafa nibha beithe,wo hame ek lamha na de paye apne pyar ka,aur hum unke liye apni zindagi gawa beithe. ज़िन्दगी है नादाँ इसलिए चुप हूँ,दर्द-ही-दर्द सुबह शाम इसलिए चुप हूँ,कह दू ज़माने से दास्ताँ अपनी,उसमे आएगा तेरा नाम इसलिए चुप हूँ. Likh doon toh… Read More »

हुस्न परियो का और रूप चाँद का चुराया होगा खूबसूरत फूलो से

By | December 6, 2018

हुस्न परियो का और रूप चाँद का चुराया होगा खूबसूरत फूलो से अपने होठो को सजाया होगा यह जुल्फ जो बिखरे तो घटाओ को आ जाये पसीना बड़ी फुर्सत से उस खुदा ने तुम को बनाया होगा       आप को इस दिल में उतार लेने को जी चाहता है, खूबसूरत से फूलो में… Read More »



रात की चांदनी से मांगता हु सवेरा

By | November 20, 2018

रात की चांदनी से मांगता हु सवेरा फूलों की चमक से मांगता हु रंग गहरा दौलत शोहरत से ताल्लुख़ नहीं है मेरा मुझे चाहिए हर सुबह में बस साथ तेरा     जो मुस्कुरा रहा है, उसे दर्द ने पाला होगा.. जो चल रहा है, उसके पाँव में छाला होगा.. बिना संघर्ष के इन्सान चमक… Read More »

मना लूँगा आपको रुठकर तो देखो

By | November 9, 2018

  मना लूँगा आपको रुठकर तो देखो, जोड़ लूँगा आपको टूटकर तो देखो। नादाँ हूँ पर इतना भी नहीं, थाम लूँगा आपको छूट कर तो देखो।     एक जुर्म हुआ है हम से एक यार बना बैठे हैं कुछ अपना उसको समझ कर सब राज़ बता बैठे हैं फिर उसकी प्यार की राह में… Read More »



तुम्हे देखा तो एक ख़याल आया लबों पर एक सवाल आया

By | November 8, 2018

तुम्हे देखा तो एक ख़याल आया लबों पर एक सवाल आया आख़िर कब तक साथ निभाओगे या फिर किसी रोज़ बिना कुछ कहे यूँही खामोश ज़िंदगी की राहों पर औरों की तरहा मुझे तन्हा कर जाओगे       दगा देना तुम्हारी आदत है ज़िंदगी में तो फिर क्यूँ पास आने की इजाज़त माँगते हो… Read More »

समझा दो अपनी यादो को वो बिन बुलाये पास आया करती है

By | November 7, 2018

समझा दो अपनी यादो को, वो बिन बुलाये पास आया करती है, आप तो दूर रहकर सताते हो मगर, वो पास आकर रुलाया करती है !!       नज़र ने नज़र से मुलाक़ात कर ली, रहे दोनों खामोश पर बात करली, मोहब्बत की फिजा को जब खुश पाया, इन आंखों ने रो रो के… Read More »

सदीयो से जागी आँखो को एक बार सुलाने आ जाओ माना की तुमको

By | November 6, 2018

सदीयो से जागी आँखो को, एक बार सुलाने आ जाओ, माना की तुमको प्यार नहीं, नफरत ही जताने आ जाऔ जिस मोङ पे हमको छोङ गये, हम बैठे अब तक सोच रहे क्या भुल हुई क्यो जुदा हुए, बस यह समझाने आ जाओ!   ना जाने क्या सोच कर लहरें साहिल से टकराती हैं; और… Read More »