रात की चांदनी से मांगता हु सवेरा

By | November 20, 2018

रात की चांदनी से मांगता हु सवेरा फूलों की चमक से मांगता हु रंग गहरा दौलत शोहरत से ताल्लुख़ नहीं है मेरा मुझे चाहिए हर सुबह में बस साथ तेरा     जो मुस्कुरा रहा है, उसे दर्द ने पाला होगा.. जो चल रहा है, उसके पाँव में छाला होगा.. बिना संघर्ष के इन्सान चमक… Read More »



मना लूँगा आपको रुठकर तो देखो

By | November 9, 2018

  मना लूँगा आपको रुठकर तो देखो, जोड़ लूँगा आपको टूटकर तो देखो। नादाँ हूँ पर इतना भी नहीं, थाम लूँगा आपको छूट कर तो देखो।     एक जुर्म हुआ है हम से एक यार बना बैठे हैं कुछ अपना उसको समझ कर सब राज़ बता बैठे हैं फिर उसकी प्यार की राह में… Read More »

तुम्हे देखा तो एक ख़याल आया लबों पर एक सवाल आया

By | November 8, 2018

तुम्हे देखा तो एक ख़याल आया लबों पर एक सवाल आया आख़िर कब तक साथ निभाओगे या फिर किसी रोज़ बिना कुछ कहे यूँही खामोश ज़िंदगी की राहों पर औरों की तरहा मुझे तन्हा कर जाओगे       दगा देना तुम्हारी आदत है ज़िंदगी में तो फिर क्यूँ पास आने की इजाज़त माँगते हो… Read More »

समझा दो अपनी यादो को वो बिन बुलाये पास आया करती है

By | November 7, 2018

समझा दो अपनी यादो को, वो बिन बुलाये पास आया करती है, आप तो दूर रहकर सताते हो मगर, वो पास आकर रुलाया करती है !!       नज़र ने नज़र से मुलाक़ात कर ली, रहे दोनों खामोश पर बात करली, मोहब्बत की फिजा को जब खुश पाया, इन आंखों ने रो रो के… Read More »