ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन करते समय हमेशा इन बातों का रखें ध्यान

Digitization के समय में आप सभी ने भी कभी न कभी ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन किया ही होगा फिर चाहे वो बैंक से हो या किसी मोबाइल wallet से। हालांकि बैंक सभी ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन पर शत प्रतिशत सेक्युर्टी देती है लेकिन इसके बावजूद इनके इस्तेमाल में कि गई जरा सी लापरवाही आपको किसी धोखे का शिकार बना सकती है। लेकिन इसका भी उपाय है जिस से आप किसी भी तरह के फ़्रौड या हैकिंग से बचे रह सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा।

ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन के लिए 8 जरूरी बातें

  1. Computer में एंटिवाइरस सॉफ्टवेर होना जरूरी है:

बिना एंटिवाइरस के किसी भी तरह का ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन करना खतरनाक होता है। कई लोग कुछ पैसे बचाने के लिए इंटरनेट पर मोजूद फ्री या क्रेक्ड एंटिवाइरस इन्स्टाल कर लेते है जिस से हैकिंग का खतरा होता है। फ्री एंटिवाइरस या क्रेक्ड एंटिवाइरस की मदद से Hackers आपका डाटा चोरी करने में सफल हो जाते हैं, इसलिए यह बहुत जरूरी है,कि आप कोई भी ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन करने के लिए कम्प्युटर मैं वैलिड लैसेंस वाला एंटिवाइरस ही परयोग करें।

  1. ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन के लिए Cybercafe या पब्लिक PC का यूज़ न करें:

कुछ लोग अक्सर यह गलती करते है कि वह किसी तरह का ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन करने के लिए किसी भी cybercafé या किसी का भी कम्प्युटर इस्तेमाल कर लेते है लेकिन ऐसा करना भी खतरनाक होता है कई लोग अपने कम्प्युटर या cybercafé में कुछ ऐसे software इन्स्टाल रखते है जो की आपकी लॉगिन डिटेल्स को सेव कर लेते है ओर जिस की मदद से वे बाद मैं आपके बैंक या अन्य किसी अकाउंट के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। इसलिए कभी भी ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन के लिए cybercafé या किसी दूसरे के PC का इस्तेमाल न करें।

  1. कमजोर पासवर्ड का इस्तेमाल न करें:

यह गलती लगभग 60 से 70 प्रतिशत लोग करते हैं। लोग बड़े आसान ओर छोटे पासवर्ड जैसे कि 1234 या किसी का नाम,अपनी जनम तिथि या मोबाइल number का इस्तेमाल किसी भी तरह की इंटरनेट बैंकिंग या अन्य wallets पर user id बनाते समय पासवर्ड के रूप में प्रयोग कर लेते हैं। इस तरह के पासवर्ड को Hackers बहुत ही आसानी से Hack कर लेते हैं। इसलिए किसी भी तरह का ऑनलाइन अकाउंट बनाते समय हमेशा ही strong ओर long पासवर्ड का उपयोग करें।मजबूत पासवर्ड कैसे बनाएं यहाँ पढ़े।

  1. फिशिंग ईमेल या फोन कॉल,एसएमएस को रिप्लाइ करने से बचें:

आय दिन हमें कई तरह के लॉटरी या ईनाम जीतने के ईमेल या messages आते रहते हैं कभी भी ऐसे ईमेल को रेस्पोंड न करें ओर न ही उन में दिये किसी लिंक पर click करें ऐसा करने से Hackers आपके account में मोजूद सारी जानकारी चुरा सकते हैं। साथ ही कभी भी किसी भी तरह के एसएमएस या फोन कॉल के जरिये कोई  आपकी बैंक डिटेल्स पर्सनल जानकारी या डेबिट/एटीएम का पिन CVV नंबर आदि की मांग करे तो उसे ना दें, कभी भी बैंक या आरबीआई आपसे ये सब जानकारी फोन या एसएमएस के माध्यम से नही माँगता ऐसे कॉल और एसएमएस फ़्रौड होते हैं। जो कि आपसे ये सब डिटेल्स ले कर आपके बैंक अकाउंट से ट्रैंज़ैक्शन कर लेते हैं।

  1. पासवर्ड को समय समय पर बदलना:

लंबे समय तक अपना पासवर्ड ना बदल कर लोग अक्सर बड़ी गलती करते हैं जिस से हैकिंग का खतरा बना रहता है। ऐसा करने से hackers को आपका पासवर्ड hack करने का समय मिल जाता है। इसलिए पासवर्ड को समय समय पर बदलते रहें और हर बार पासवर्ड को और मजबूत बनाते रहें ताकि कोई भी आसानी से पासवर्ड hack ना कर सके।

  1. पब्लिक वाई फाई का उपयोग न करें:

कभी भी किसी भी तरह के डिजिटल ट्रैंज़ैक्शन के लिए पब्लिक वाई फाई का उपयोग न करें। कई लोग फ्री इंटरनेट के लालच में पब्लिक वाई फाई का प्रयोग करते हैं जिस से हैकिंग का खतरा रहता है, क्योंकि फ्री या पब्लिक वाई फाई का उपयोग कई लोग एक साथ कर रहे होते हैं जिस से कि hackers आपका डाटा आसानी से चुरा सकते हैं। इसलिए हमेशा ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन अपने खुद के इंटरनेट कनैक्शन के ही इस्तेमाल से करना चाहिए।

  1. इंटरनेट ब्राउज़र सेक्युर्टी:

जब भी आप कोई ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन करें तो इस बात का ध्यान हमेशा रखें कि आप केवल उन्ही इंटरनेट  ब्राउज़र का इस्तेमाल करें जो कि किसी पोपुलर और trusted कंपनी का हो जैसे कि INTERNET EXPLORER,MOZILA FIREFOX,CHROME. इसके इलवा यह जानना भी बहुत जरूरी होता है कि आप जिस वैबसाइट पर ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन कर रहे है वो असली और सिक्युर है या नही ये जानने के कुछ टिप्स है जिनहे आपको डिजिटल transaction करते समय हमेशा ध्यान मैं रखना चाहिए:-

  • https:// सभी websites जिन पर ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन किए जाते हैं उनका URL हमेशा http:// कि जगह https:// (SSL certificate) से शुरू होता है ये इस बात का परमान होता है कि इस वैबसाइट पर होने वाले सारे ट्रैंज़ैक्शन सिक्युर है इसलिए अगली बार आप जब भी ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन करें तो ये जरूर सुनिश्चित कर लें कि वैबसाइट का URL https:// से शुरू हो रहा है या नही। बिना https:// कि websites से कभी कोई ट्रैंज़ैक्शन न करें।
  • प्राइवेट ब्राउज़र जब भी आप कोई ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन करें तो हमेशा प्राइवेट ब्राउज़र में ही करें क्यूंकी प्राइवेट ब्राउज़र में कोई भी ट्रैंज़ैक्शन या सर्फिंग करने से कोई भी डाटा आपके सिस्टम में स्टोर नही होता जैसे कि कूकीस कईचीस,लॉगिन डिटेल्स और हिस्टोरी जैसे ही आप प्राइवेट विंडो क्लोज़ करते हो ये सब भी उसके साथ हे डिलीट हो जाता है। प्राइवेट ब्राउज़िंग का विकल्प सभी पोपुलर ब्राउज़र में उपलब्ध है। इसके लिए आपको Ctrl+Shift+N प्रैस करना होता है और प्राइवेट विंडो ओपन हो जाती है।

 

  1. एसएमएस/ईमेल अलर्ट सर्विसेस:

ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन करने वालों के लिए ये और भी जरूरी हो जाता है कि वो अपना मोबाइल नंबर और ईमेल हमेशा अपने बैंक अकाउंट से लिंक रखें ताकि उनके अकाउंट से किए जाने वाले सभी ट्रैंज़ैक्शन कि जानकारी तुरन्त मिलती रहे। और किसी भी अनजान ट्रैंज़ैक्शन पर आप तुरन्त बैंक को सूचित कर सकें या कोई उचित कदम उठा सकें।

उपरोक्त सभी बातों को ध्यान में रख कर यदि आप ऑनलाइन ट्रैंज़ैक्शन करते हैं तो आपको  हैकिंग या फ़्रौड होने जैसी घटनाओ का सामना कम करना पड़ेगा।

 

3 Comments:

  1. i will take care for all these now. …

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